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Gupt Navratri

Updated: Jun 24, 2017 08:53 AM
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Out of four Navratris, there are two Gupt Navratri Magh and Ashadh. These Navratris are not well known by people therefore called गुप्त नवरात्रि(Gupt Navratri). During the Gupta Navratri, devotees worship the mother Kali, Tara Devi, Tripura Sundari, Bhubaneswarwari, Mata Chinnamasta, Tripura Bhairavi, Maa Dhrumavati, Mata Baglakami, Matangi and Kamala Devi.
Out of four Navratris, there are two Gupt Navratri Magh and Ashadh. These Navratris are not well known by people therefore called गुप्त नवरात्रि(Gupt Navratri). During the Gupta Navratri, devotees worship the mother Kali, Tara Devi, Tripura Sundari, Bhubaneswarwari, Mata Chinnamasta, Tripura Bhairavi, Maa Dhrumavati, Mata Baglakami, Matangi and Kamala Devi.

While the other Chaitra and Shardiya Navratri are famous and celebrated with joy. Some unique rituals like vashikarans, uchatans, stambhan, videshan and maran are performed in Gupt Navratri. Magh Navratri is more famous in northern India, and Ashad Navratri popularly celebrated in Southern India.

Information

Dates
Upcoming Event
24 June - 3 July 2017
Futures Dates
18 - 26 January 2018
13 - 21 July 2018
5 - 14 February 2019
3 - 11 July 2019
Past Dates
28 January - 6 February 2017
Mantra
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे।
Related Name
माघ नवरात्रि - Maagh Navratri, आषाढ़ नवरात्रि - Ashadha Navratri
Frequency
Half Yearly
Duration
10 Days
Type
Maagh Navratri, Ashadha Navratri
Begins
Maagh Navratri: Maagh Shukla Prathama
Ashadha Navratri: Ashadha Shukla Prathama
Ends
Maagh Navratri: Maagh Shukla Navami
Ashadha Navratri: Ashadha Shukla Navami
Months
Maagh Navratri: January - February
Ashadha Navratri: June - July
Celebrations
Shakti Sadhana, Fast, Mantra Jaap.
Imp Places
Mata Temples.

Hindi

देवी भागवत के अनुसार जिस तरह वर्ष में चार बार नवरात्र आते हैं और जिस प्रकार नवरात्रि में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है, ठीक उसी प्रकार गुप्त नवरात्र में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। गुप्त नवरात्र के दौरान साधक मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करते हैं।

गुप्त नवरात्रि विशेषकर तांत्रिक क्रियाएं, शक्ति साधना, महाकाल आदि से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्त्व रखती है। इस दौरान देवी भगवती के साधक बेहद कड़े नियम के साथ व्रत और साधना करते हैं। इस दौरान लोग लंबी साधना कर दुर्लभ शक्तियों की प्राप्ति करने का प्रयास करते हैं। माघ नवरात्री उत्तरी भारत में अधिक प्रसिद्ध है, और आषाढ़ नवरात्रि मुख्य रूप से दक्षिणी भारत में लोकप्रिय है
Arya Samaj MandirArya Samaj Mandir
आर्य समाज मंदिर (Arya Samaj Mandir), punjabi Bagh is the center of vedic culture and Swami Dayanand Saraswati`s thoughts.
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