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महाभारत के समय से दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर

महाभारत के समय से दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर
दिल्ली मे हर काल के मंदिर मौजूद हैं जिसमें से ज़्यादा तर सन् 800, 1200,1600, 1800 और 2000 के समय के मंदिर हैं, जो आगे समय बढ़ने के अनुसार बढ़ते ही जा रहे हैं। पर आगे कलयुग प्रारंभ होने से पहिले, महाभारत युद्ध के समय से या उससे भी पहिले से बने दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर हैं।
1/8 Shri Kalkaji Mandir @Ma Anandmayee Marg, NSIC Estate, Okhla Phase III, Kalkaji, Delhi 110019 Shri Kalkaji Mandir
श्री कालकाजी मंदिर (Shri Kalkaji Mandir) dedicated to Maa Aadi Shakti (Maa Kali), near Kalkaji Mandir metro station, also called Jayanti Peetha or Manokamna Siddha Peetha. Manokamna literally means desire, Siddha means fulfillment, and `Peetha` means shrine.
2/8 Siddhapeeth Shri Dudheshwarnath Mahadev Math Mandir @Gaushalla Road, Jassipura, Madhopura, Ghaziabad, Uttar Pradesh - 201009 Siddhapeeth Shri Dudheshwarnath Mahadev Math Mandir
Ancient Puranas varnit Hiranyagarbha Jyotirlinga is pray as सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर (Siddhapeeth Shri Dudheshwarnath Mahadev Math Mandir), It was the age of treta yuga before the birth of Shri Ram.
3/8 Shri Dudhiya Baba Bhairav Nath Ji Pandvon Kalin Mandir @Puran Kila, Near Pragati Maidan, New Delhi - 110002 Shri Dudhiya Baba Bhairav Nath Ji Pandvon Kalin Mandir
श्री दूधिया बाबा भैरव नाथ जी पांडवों कालीन मंदिर (Shri Dudhiya Baba Bhairav Nath Ji Pandvon Kalin Mandir) dedicated to Baba Bhairav Nath Ji(also called Bhairon, Bheron, भैरों) an fierce incarnation of Baba Bhairav, near Indraprastha metro station, Purana Qila(Kila) and Pragati Maidan. Bheem worshipped here and got siddhis in this area.
4/8 Shri Yogmaya Mandir @Mehraul Badarpur Road >> Anuvrat Marg / Khasra No 1806, Mehrauli New Delhi - 110030 Shri Yogmaya Mandir
Siddhapeeth, Shaktipeeth, Gyanpeeth and Jyotipeeth श्री योगमाया मंदिर (Shri Yogmaya Mandir) is taken care by 16th generation of same family of vatsh gotra. Temple is dedicated to Shri Yogmaya sister of Lord Krishna, Near by Qutub Minar.
5/8 Prachin Hanuman Mandir @Palika Kendra, Hanuman Road Area, Connaught Place, New Delhi - 110001 Prachin Hanuman Mandir
प्राचीन हनुमान मंदिर (Prachin Hanuman Mandir) is an ancient temple dedicated to Bal Hanuman from the Mahabharata period. It is claimed to be one of the five temples of Mahabharata days in Delhi.
6/8 Shri Sheetla Mata Mandir @Sector-6 Gurugram, Haryana - 122001 Shri Sheetla Mata Mandir
श्री शीतला माता मंदिर (Shri Sheetla Mata Mandir) is dedicated to the Devi Kripi/Kirpai, wife of Guru Dronacharya. She is kuldevi of village Gurugram therefore devotee offer mundan ceremony and married couples come to take the blessings.
7/8 Shri Kilkari Baba Bhairav Nath Ji Pandvon Kalin Mandir @Puran Qila (Kila), Near Pragati Maidan, New Delhi - 110002 Shri Kilkari Baba Bhairav Nath Ji Pandvon Kalin Mandir
श्री किलकारी बाबा भैरव नाथ जी पांडवों कालीन मंदिर (Shri Kilkari Baba Bhairav Nath Ji Pandvon Kalin Mandir) dedicated to Baba Bhairav Nath Ji(also called Bhairon, Bheron, भैरों) an fierce incarnation of Baba Bhairav founded by Pandavas, near Indraprastha metro station, Purana Qila(Kila) and Pragati Maidan. Bheem worshipped here and got siddhis in this area, After winning Mahabharat war, Pandavas initiate this temple.
8/8 Prachin Neeli Chatri Mandir Pandvon Kalin @2067 Yamuna Bazar, New Delhi - 110006 Prachin Neeli Chatri Mandir Pandvon Kalin
Ancient Lord Shiva temple established in mahabharata period प्राचीन नीली छतरी मंदिर पांडवों कालीन (Prachin Neeli Chatri Mandir Pandvon Kalin or Nili Chatri Temple) infront of the Baharadur Shahi Gate of Salimgarh Fort, Yamuna Bazar.
There are temples of every period in Delhi, out of which these are belongs to different years of 800, 1200, 1600, 1800 and 2000, which are increasing as the time progresses further. Above given list are the Delhi's famous temple of the mahabharata period or before kalyug.
- npsin.in
मंत्र: महामृत्युंजय मंत्र, संजीवनी मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
आरती: श्री पार्वती माँ
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता, ब्रह्मा सनातन देवी, शुभ फल की दाता।
अरिकुल कंटक नासनि, निज सेवक त्राता, जगजननी जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
श्री शनि जयंती के लिए दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर - 25 May 2017
श्री शनि जयंती! सूर्य देव एवं देवी छाया के पुत्र श्री शनिदेव के अवतरण दिवस के रूप मे मनाई जाती है।
आगे देखिए दिल्ली, गाज़ियाबाद के कुछ प्रसिद्ध मंदिर जहाँ मनाई जाती है, श्री शनि जयंती!
आरती: श्री शनिदेव जी
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥जय जय..॥
चालीसा: श्री शनिदेव जी
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल।
दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥
आरती: श्री महावीर भगवान 3 | जय सन्मति देवा
जय सन्मति देवा, प्रभु जय सन्मति देवा।
वर्द्धमान महावीर वीर अति, जय संकट छेवा॥ ऊँ जय सन्मति देवा ॥
आरती: ॐ जय महावीर प्रभु 2
ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभो।
जगनायक सुखदायक, अति गम्भीर प्रभो॥ ॐ जय महावीर प्रभु॥
आरती: ॐ जय महावीर प्रभु!
ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभु।
कुण्डलपुर अवतारी, चांदनपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभु॥
भजन: सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को...
जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को मिल जाये तरुवर की छाया,
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है, मैं जब से शरण तेरी आया। मेरे राम ॥
मंत्र: णमोकार महामंत्र
णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्व साहूणं।
एसोपंचणमोक्कारो, सव्वपावप्पणासणो। मंगला णं च सव्वेसिं, पडमम हवई मंगलं।
Shri Krishna Pranami MandirShri Krishna Pranami Mandir
A center of Nijanand Sampraday श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर (Shri Krishna Pranami Mandir), Rohini Delhi. A golden history of 3060 kanya vivah, 30k free polio upchar and organized 33 Gaushala.
मसखरी - Maskhari
ऐसा लग रहा है कि विजय माल्या रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर टीम के खिलाडियों का पैसा भी दबा कर भगे हैं , आईपीएल में उन बेचारों का मारे अफ़सोस के परफॉरमेंस ही बिगड़ गया 🙂
घुरपेँच - Ghurpainch
आज लोगों को कब Sorry, Excuse Me, Thank You बोलना है, पता है।
पर सामने-वाले को हिन्दी मे आप (तू नहीं) बोलना होता है, बस ये नहीं पता।
मेरा नमस्ते कहना...
X ने Y को कहा, कि मेरा प्रणाम Z को बोलना...
अतः X चाहते हैं कि Y, Z को आज एक बार और प्रणाम करें।
अर्थात Y, Z से आज, एक बार और विनम्रता पूर्वक संवाद स्थापित करें।
कटप्पा ने बाहुबली क्यों मारा?
कटप्पा ने बाहुबली क्यों मारा?
...भारत को! ये जानना ज़्यादा इम्पोर्टेंट है क्या...?
कटी मेरी पतंग मांझे के हाथों ही...
कटी मेरी पतंग मांझे के हाथों ही, हमें फ़र्क़ था माझे पर नाज था!!
डूवी मेरी कश्ती पतवार के हाथो ही, हमें फ़र्क़ था पतवार पर नाज था!!
पत्तल में खाने के महत्व
» पलाश के पत्तल में भोजन करने से स्वर्ण के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है।
» केले के पत्तल में भोजन करने से चांदी के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है।
मटके के पानी के फायदे!
» इस पानी को पीने से थकान दूर होती है।
» इसे पीने से पेट में भारीपन की समस्या भी नहीं होती।
» मटके की मिट्टी कीटाणुनाशक होती है जो पानी में से दूषित पदार्थो को साफ करने का काम करती है।
हाथ-पैरों में आने वाले ‪पसीने‬ का उपचार
आँवला चूर्ण एवं पिसी हुई मिश्री बराबर मात्रा मे मिलाकर प्रतिदिन सुवह - शाम 1-1 चम्मच सेवन करने से कुछ समय मे ही, हाथ की हथेली और पैरों के तलवों से आने वाले पसीने की समस्या मे लाभ मिलता है...
गर्मियों में हाथ पैरों में अकड़ाहट
इसलिए प्याज के रस को गुनगुना करके हथेलियों और पैर के तलवों की मालिश करने से अकड़ाहट मे लाभ मिलता है...
तलवों मे जलन को दूर करें
गुनगुने पानी मे एक चम्मच सरसों का तेल डालकर दोनो पैर दस मिनट के लिए इसमें डुबाकर रखें...
स्वच्छ भारत अभियान - Swachh Bharat Abhiyan
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